
चोट लगने पर हल्दी आजमाए
यदि किसी कारणवश आपको शरीर के अंदरूनी या बाहरी हिस्सों में चोट लग जाए तो ,चोट लगे व्यक्ति को हल्दी वाला दूध पिलाएं , यह अपने एंटीबैक्टीरियल गुण और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण चोट में लाभ पहुंचाता है।

स्त्रियों के लिए हल्दी का उपयोग
स्त्रियों में होने वाले स्वेत प्रदर या लयुकोरिया रोगों में हल्दी अत्यंत गुणकारी औषधि के रूप में कार्य करता है इसके लिए पांच ग्राम हल्दी और अंजीर के तीन टुकड़े का सेवन करने से लाभ होता है।
रक्त की सफाई करे हल्दी
हल्दी के प्रयोग से रक्त साफ होता है और रक्त में मौजूद विषेले तत्व को बाहर निकालने में मदद करता है।अगर चोट लगने पर खून का बहाव रुकता नहीं है तो चोट लगे अस्थान पर हल्दी लगाए इससे रक्त का बहाव रुकता है।
मोटापा दूर करने में सहायक
मोटापा दूर करने के लिए हल्दी , तुलसी, निंब्बू, पुदीना और अदरक का चटनी बना ले और इसका नियमित सेवन करने से मोटापा पर काबू रखा जा सकता है।
दूध के साथ हल्दी का प्रयोग
हल्दी , मंजिष्ठा,गेरू, मुल्तानी मिट्टी, गुलाब जल, एलोवेरा यवम कच्चे दूध का को आपस में मिलाकर लेप तैयार करे।इसे चेहरे पर लगाने से चेहरे पर निखार आता है हल्दी वाला दूध पीने से चेहरे पर प्राकृतिक रूप से निखार आता है। रोज सुबह गुनगुने दूध एक चममच हल्दी मिलाकर पीने से शरीर के दर्द और पेट के रोग आदि से छुटकारा मिलता है।साथ ही अगर सर्दी ,जुकाम, खाशी है तो हल्दी वाला दूध पीने से आराम मिलता है।
मौसमी रोगों में लाभकारी
हल्दी के गांठ को गर्म करके नियमित रूप से चूसने पर खाशी में आराम मिलता है।खशी में हल्दी को सहद मिलाकर चूसने में आराम मिलता है। सिरदर्द या चक्कर आने पर हल्दी के लेप सिर पर लगाने से लाभ पहुंचता है।
और भी हल्दी के उपयोग
हल्दी,खाने वाला चुना और सहद का लेप बनाकर चोट एइठन ,मोच या शरीर पर आए सूजन वाले अस्थन पर लगाने से आराम मिलता है। चर्म रोग में एक चम्मच हल्दी आंवले का रस पानी के साथ लेने लाभ होता है,। ‘ एनीमिया,पीलिया, बवासीर,सास के रोग और लगातार हिचकी आने के स्थिति में हल्दी और काली मिर्च के धुंए शुघने से लाभ होता है
हल्दी के उपयोग में बरते सावधानी
हल्दी का उपयोग 3से 5 ग्राम के मात्रा में ही करना चाहिए , विशेष स्थिति में डॉक्टर के सलाह से ही हल्दी का प्रयोग करना चाहिए